वहम

तुम और हम एक ना हो पाए
इसका कोई मलाल नहीं
चलो एक तजुर्बा तोह हुआ
जिंदगी साथ नहीं ना सही
यादों का पिटारा तोह हुआ

ना तुम गलत थे ना मै सही
वक़्त गलत था जिसमे हम एक ना हो पाए
मना लिया है दिल को मैंने
आज सच गलत है झूठ सही
क्यों की आज भी तुम पास हो
ऐसा वहम सच है

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