वही पुरानी तसल्ली

तेरे मुहब्बत मे न जाने कितने तराने थे,
मै आशिक था जब तेरे फ़साने थे।

Comments

4 responses to “वही पुरानी तसल्ली”

  1. ashmita Avatar

    बहुत खूब

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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