वही पुरानी तसल्ली

वो जो कमी थी मैं काबिल न हुआ,
मेरे नसीब मे मुहब्बत कभी काबिल न हुआ।
Rajjneesh

Comments

5 responses to “वही पुरानी तसल्ली”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close