12 Comments

    1. धन्यवाद गीता जी,
      आपसे यही उम्मीद थी…
      सच कहा स्त्री को पुराणों तथा हिन्दू रिवाजों में कुछ इसी प्रकार दर्शाया गया है और लोग उसका अनुसरण करते हैं जो बहुत ही निंदनीय है

      1. बिल्कुल प्रज्ञा जी ।कोई स्त्री विधवा हो कर वैसे ही दुखी होती है उस पर ये समाज…..। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए वो भी एक इंसान है उसके दुख में दुख दिखाओ हो सके तो उसका दुख कम करने की कोशिश करो ना कि उस पर आरोप लगाओ जो गलती उसने कभी की ही नहीं ।

    1. धन्यवाद वसुंधरा जी
      आया करिये सावन पर और कुछ विचार प्रस्तुत किया कीजिए हमें अच्छा लगेगा

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