विभीषण जिंदा है (व्यंग्यात्मक)

बहुत दिनों से ढूंढ रहा था,
जिसे मैं डगर -डगर,
वह मुझे घर के पास ही मिल गया।

कौन कहता है विभीषण मर गया ,
जिंदा है वो,
मुझे मेरे अपनो में ही मिल गया।

Comments

7 responses to “विभीषण जिंदा है (व्यंग्यात्मक)”

  1. Geeta kumari

    वाह, बहुत ख़ूब कहा

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत-बहुत धन्यवाद मैडम जी

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद

    2. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      🙏

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