*विश्व हिन्दी दिवस*

हिन्दी केवल भाषा ही नहीं,
मेरे वतन की पहचान है
हिन्दी का है हृदय में स्थान,
हिन्दी ही मेरा सम्मान है
हिन्दी की गूंज हो देश विदेश,
ऐसा मेरा अरमान है
हिन्दी मेरे भावों की जननी,
हिन्दी में चले मेरी लेखनी
हिन्दी में मेरा गर्व छिपा,
हिन्दी में छिपा मेरा गौरव
हिन्दी से जुड़ी मेरी सब मेरी भावना,
हिन्दी का हो विश्व प्रचार खूब
अब यही है मेरी कामना
भारत की बेटी है हिन्दी,
भारत के भाल की है बिंदी
कश्मीर से कन्याकुमारी तक,
हिन्दी हिन्द की पहचान है
हिन्दी में ही हो मेरी भावभिव्यक्ति,
हिन्दी है मातृभूमि पर मिटने की शक्ति
आइए हिन्दी बोलें, सीखे और सिखाएं,
विश्व हिन्दी दिवस की आज आपको शुभकामनाएं।
______✍️गीता

Comments

12 responses to “*विश्व हिन्दी दिवस*”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर रचना
    हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दुस्तान हमारा
    हिन्दी का विकास हो यही है अरमान हमारा
    हिन्दी दिवस की हार्दिक बधाईयाँ

    1. Geeta kumari

      सुंदर समीक्षा हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी ,आभार 🙏
      आपको भी विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

  2. अति सुंदर

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद कमला जी
      विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

    1. Geeta kumari

      Thank you Rishi ji

  3. कविता लिखा हूं शाम तक प्रकाशित करुंगा

    1. विश्व हिंदी दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

      1. आपको भी 🌹🙏

  4. Geeta kumari

    👍👍, बिल्कुल ऋषि जी ,जरूर

  5. Satish Pandey

    हिन्दी दिवस पर आपने बहुत सुन्दर रचना की है गीता जी।
    हिन्दी मेरे भावों की जननी,
    हिन्दी में चले मेरी लेखनी
    हिन्दी में मेरा गर्व छिपा,
    हिन्दी में छिपा मेरा गौरव।
    बहुत भी लाजवाब पंक्तियाँ हैं। बहुत सुंदर कविता की सृष्टि हुई है।

    1. कविता की बहुत सुंदर और प्रेरक समीक्षा के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी

Leave a Reply

New Report

Close