एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं।
भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।।
कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में।
रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए कक्षा में।।
देश धर्म पे बलि-बलि जाऊँ, शपथ बड़ा अटूट है।
भारत माँ का वीर सिपाही……………………………….।।
चाह नहीं अपनी है वीरों, दुनिया पर अधिकार करें।
लेकिन अंगुल एक धरा का, कभी नहीं हम हार करें।।
“विनयचंद “इस दिल में केवल देश प्रेम अटूट है।
भारत माँ का वीर सिपाही……………………….।।
वीर गीत
Comments
11 responses to “वीर गीत”
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Good
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Thanks
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Welcome
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सुन्दर
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धन्यवाद
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Nice
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धन्यवाद
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अच्छा लगा
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सुन्दर रचना
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Superb
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Good
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