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  1. दो बच्चे झाड़ियों में
    उसका इंतजार करते रह गए
    धीरे धीरे सूख गए।
    जाते जाते
    इंसानियत को वे बेजुबान
    पता नहीं क्या कह गए।
    ___________ इंसानियत को शर्मसार करती हुई बेहद मार्मिक घटना का चित्रण किया है सतीश जी ने अपनी इस कविता में, पढ़कर दिल दहल उठा……बेहद मार्मिक अभिव्यक्ति

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