वो कुछ कहते नहीं

वो कुछ कहती नहीं,
ये स्वीकृति नहीं है!
दबा-सा कोई रोष है,
क्या सही ,क्या ग़लत,
उसके लिए,
तुम ही फैसला लो ,
हर बार!
क्या ये भी,
उसी का दोष है?

Comments

14 responses to “वो कुछ कहते नहीं”

  1. बहुत खूब
    बहुत सुंदर

    1. हार्दिक धन्यवाद

    1. हार्दिक धन्यवाद

    1. हार्दिक धन्यवाद सर

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

  2. Anonymous

    Wow, veet well written! Veey good!

  3. प्रतिमा

    बहुत बहुत धन्यवाद

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