12 Comments

  1. आपकी कविता में एक सार है एक पूर्णता समाहित है। जीवन से जुड़ी पीड़ा की आपने बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति की है। शब्दों और वाक्यों में बहुत शुद्धता है। बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

  2. दिन भर के खून पसीने से,
    जितना पैसा कमाया है,
    घर बार छोड़ सारी पूंजी,
    उस मदिरा पर लुटाया है।

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