हर अखबार की खबर में देखो
शाहीन बाग का केस है
सुत का शव गोदी ले बैठी
कैसी ममता का वेश है
उस जगह की राह को घेरा
जहां राह की तंगी है
CAA के विरोध में बांधी
पटिया काली रंगी है
स्कूल ,कॉलेज, दफ्तर जाने में
हो रही सबको को देरी है
काली पट्टी बांध के निकले
कितनी बड़ी अंधेरी है
नागरिकता की फिक्र करो क्यों
जब इसी देश के वासी हो
जब भारत मां जननी मानी
देश से प्रेम के आसी हो
क्या करोगे ऐसे डाल के घेरे
जब नव पीढ़ी मौत से खेले
जिनकी भविष्य के लिए प्रदर्शन
उन्हीं की हंसी के लगे ना मेले
सरकार की नीति से लड़ने
बच्चों के साथ क्यों लाते हो
देश की नव पीढ़ी क्यों
उल्टा सीधा भड़काते हो
शाहीन बाग
Comments
10 responses to “शाहीन बाग”
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Bahut khoob behen es visay pe likhna toh banta hain
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Thank-you 🙏🙏
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Nice
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Thanks
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👏👏
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🙏🙏🙏
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बहुत सुंदर
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🙏🙏🙏
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👌👌
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🙏🙏
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