शिक्षा और शिक्षक

शिक्षा को शिक्षा ही रहने दो,
मां सरस्वती मुझे वर दो ।
सौदेबाज शिक्षकों को दण्डित कर,
हे हंसवाहनी मेरे उर का तम हर दो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

मां तू मां है

“माँ तू माँ है” योगेश ध्रुव”भीम” ************************ माँ तू जननी है, तूने मुझे, कोख में, पाला, नौ माह तक, जन्म दी, इस वसुंधरा का, दर्शन…

Responses

New Report

Close