शेर

बुरे वक्त में जो छोड़ जाए ,
सपने दिखाए और दिल तोड़ जाए,
फिर अच्छे वक्त में वापिस लौट आए ,
उसे स्वार्थ ना कहें तो क्या कहें!

Comments

8 responses to “शेर”

  1. Geeta kumari

    बिलकुल सही

  2. सही बात है

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      धन्यवाद

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