बुरे वक्त में जो छोड़ जाए ,
सपने दिखाए और दिल तोड़ जाए,
फिर अच्छे वक्त में वापिस लौट आए ,
उसे स्वार्थ ना कहें तो क्या कहें!
शेर
Comments
8 responses to “शेर”
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सच कहा
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🙏🙏
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बिलकुल सही
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🙏🙏
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Sunder
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धन्यवाद सर
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सही बात है
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धन्यवाद
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