श्याम के रंग में राधा दीवानी

प्रीत की डोरी बांधें चली आई,
तुझसे श्याम होली खेलन चली आई।
बांसुरी तुम्हारी मुझको है प्यारी,
दीवानी राधे गोपियां सारी।
बांसुरी के स्वर लहरी में छुपा लो,
कान्हा मुझे होठों से लगा लो।
पिया के संग बांसुरी में है रहना,
आज श्याम मोहे तुझे है रंगना।
मुझ पर चढ़ा तेरी प्रीत का जादू,
रंगों की नेह से मन बेकाबू।
तू क्या नटखट हंसी उड़ाता?
सबको तो उंगलियों पर नाचता।
कौन सा जादू जादूगर सीखा,
बरसाने तेरे रंग में भीगा।
निमिषा सिंघल

Comments

7 responses to “श्याम के रंग में राधा दीवानी”

  1. Pragya Shukla

    सही है

  2. 2 बार कविता

  3. Pratima chaudhary

    सुन्दर प्रस्तुति

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