संवर कर

संवर कर आऊँगा जब तुम्हारी महफिल में ,
निगाहें तुम्हारी सिर्फ मुझ पर ठहर जायेगी।

देखेंगे जब सब तुम्हारे होंठो पर हल्की-सी हँसी,
महफ़िल में हमारी मोहब्बत ही चर्चा बन जायेगी।

Comments

4 responses to “संवर कर”

  1. PRAGYA SHUKLA Avatar

    Jitani taarif ki jaaye utani kam hai

  2. बहुत ही खुब

Leave a Reply

New Report

Close