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  1. अमावस सी काली रातों को,
    जो बना दे चाॅंद रात।
    **
    वाह बहुत खूब ,गीता जी की बहुत सुंदर कविता

  2. ह्रदय में जब शूल चुभें,
    वो फूल खिला दे मन..
    “मैं हूँ ना” कहकर,
    मिटा दे सारे ग़म।
    — वाह अतिसुन्दर रचना। बहुत खूब

  3. सच्चा साथी वही है,
    जो दुःख में भी साथ दे।
    हृदय में हो जब संताप,
    हाथ बढ़ाकर हाथ दे।
    अमावस सी काली रातों को,
    जो बना दे चाॅंद रात।

    सच्ची मित्रता को परिभाषित करती रचना

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