सच की ही सत्ता है

जो सोचते हैं
कि उन्होंने
सच को भागने पर मजबूर कर दिया
अब झूठ के सहारे फिर
बुलंदियों पर चढ़ जायेंगे
वो भूल जाते हैं कि
सच सच है
सच की ही सत्ता है,
एक सच्चा मजबूर हो जाता है,
तो
सच समाप्त नहीं हो जाता है।
सच दूसरे सच्चे को मुखर कर
झूठ का मुकाबला करने फिर लौट आता है,
झूठ की नकाब उतर ही जाती है…
उतरती रहेगी

Comments

6 responses to “सच की ही सत्ता है”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    वाह जी वाह! क्या बात है!

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    सच के बारे में प्रकाश डालती हुई बहुत सुंदर रचना

  3. Satish Pandey

    सादर आभार

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद ji

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