कौन कहता है कि अपने उज्जल भविष्य हेतु सपने देखना या कल्पना करना गलत है?
सपने देखो और जरूर देखो, अपपे उज्जवल भविष्य की कल्पना करो और ऐसी कल्पना करो जो दूसरों को तो क्या बल्कि आपको खुद को असम्भव प्रतीत होती हो।।
और कठिन प्रयास से उस असम्भव को सम्भव करके दिखा देना।।
लेकिन आपने क्या सपना देखा है या क्या कल्पना की है यह तब तक किसी को न बताना जब तक आपका सपना हकीकत मे न बदल जाए।।
क्योंकि यहां लोग आपके सपनों को साकार न होने देने का षड्यंत्र ज्यादा रचेंगे बजाय इसके कि आपका वह सपना सफल हो।।
सपने
Comments
2 responses to “सपने”
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क्या बात है
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अतिसुंदर
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