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  1. सफलता के बारे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बहुत कुछ बता दिया आपने , शानदार प्रस्तुति

  2. कविता के माध्यम से भौतिक सफलता को परिभाषित किया गया है, भौतिक सफलता पर मन की ख़ुशी की महत्ता प्रतिपादित हुई है, मन की सोच के अनुरूप व्यक्ति सफलता असफलता का निर्धारण करता है, लेकिन भौतिक सुखों की प्राप्ति को ही सफलता नहीं कहा जा सकता है, बहुत खूब,

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