11 Comments

  1. सब ओर खुशी छा जाये
    दुख की छाया पड़े न किसी में।…
    बाहर है संघर्ष कड़ा
    अतः मनोबल रख कर मन में
    हो जा मानव आज खड़ा।
    ………….. संघर्ष और मनोबल बढ़ाती हुई कवि सतीश जी की उच्च स्तरीय रचना । बहुत सुंदर शिल्प और भाव सहित लाजवाब लेखन।

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