समझने को दुनिया ने क्या क्या हमें समझा

समझने को दुनिया ने क्या क्या हमें समझा
जो न समझना था, लोगो ने वही समझा
देख के दुनिया की समझदारी, हम यही समझे
जो न कुछ समझा यहां, वही सब कुछ समझा|

Comments

2 responses to “समझने को दुनिया ने क्या क्या हमें समझा”

  1. Satish Pandey

    देख के दुनिया की समझदारी, हम यही समझे
    वाह

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