गर्मी की छोटी बहन सर्दी आई है
लगता हैं इस बदलते मौसम ने मनुष्य को फटकार लगाई है
तभी तो सारे चुप है और हाथ मे मोबाइल है ।।1।।
सर्दी आई है और अपने साथ
ठंडी हवा कि फुहार लाई है,
बहुत से लोगो का इंतज़ार खत्म हो जाता है
और बड़ी सी प्याली में अदरक वाली चाय को पिया जाता है ।।2।।
मुझे भी इस मौसम में किसी की याद आई है
इस मौसम हरजाई ने उसके हाथ की कॉफी की तलब जगाई है,
आशिको ने चाय वालो की बिक्री बढाई है,
देखो देखो गर्मी की छोटी बहन सर्दी आई है ।।3।।
ओस की बूंदों का पहरा है फसलो पर
कोहरे के पहरा है सड़को पर
इश्क़ का पहरा है दिल पर,
यह सर्दिया किसी के लिए दुख
तो किसी के लिए खुशियां लायी है,
देखों देखो गर्मियों की छोटी बहन सर्दिया आई है।।4।।
(सर्दी आई है)

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13 responses to “(सर्दी आई है)”
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बढ़िया। वोट 4 me
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सुन्दर रचना
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