सर्दी है बर्फ़ सी ठंडी

ठंडी-ठंडी पवन चल रही
भीगा-भीगा सा मौसम है,
सूर्य-देव ही कृपा करें
अब निकला जाता दम है
सर्दी है बर्फ़ सी ठंडी
मौसम भी कितना नम है,
सूर्य-देव से कहूं धूप भेज दें,
यहां धूप कितनी कम है
_____✍️गीता

Comments

8 responses to “सर्दी है बर्फ़ सी ठंडी”

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

  1. ठंडी-ठंडी पवन चल रही
    भीगा-भीगा सा मौसम है,
    सूर्य-देव ही कृपा करें
    अब निकला जाता दम है।
    —– बहुत सुंदर पंक्तियाँ, यह कवि गीता जी की सहज अभिव्यक्ति है। बहुत खूब

  2. Geeta kumari

    सुंदर समीक्षा हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी।

  3. बहुत खूब

    1. शुक्रिया कमला जी

  4. बहुत सुंदर रचना

    1. सादर आभार सर

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