साझा

ज़िन्दगी में जो ख़ुशी मिली है ए दोस्त,
बिन तेरे उस खुशी का क्या करूं…..
उसमें मुझे तेरा साझा भी चाहिए।

Comments

20 responses to “साझा”

  1. बहुत ही बेहतरीन पंक्तियाँ हैं। भावगत विशेषता के साथ कलापक्षीय सौंदर्य अद्भुत है। वाह।

    1. Geeta kumari

      सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी । आपका बहुत बहुत शुक्रिया सर 🙏

  2. आपका जबाब नहीं। बेहतरीन पंक्तिया

    1. Geeta kumari

      Thanks for your valuable compliment Isha ji.

  3. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद जी

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏

  4. बहुत सुंदर पंक्तियों के सृजन किया है आपने। बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      आपकी इस टिप्पणी का तहे दिल से शुक्रिया कमला जी🙏

  5. मित्रता के महत्व को प्रतिपादित करती बेहतरीन lines। बहुत बढ़िया

    1. Geeta kumari

      कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर 🙏

  6. बहुत ही सुंदर कविता। यूँ ही निरंतर सुंदर तरीके से लिखते रहें।

    1. Geeta kumari

      Thank you very much Ramesh ji for your nice n valuable compliment.🙏

  7. Seema Chaudhary

    दोस्ती के ऊपर बहुत ही सुन्दर कविता

    1. Geeta kumari

      Thanks for your lovely comment seema

  8. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया मोहन जी

    1. Geeta kumari

      Thank you very much

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