सावन की फुहार

बरस रही सावन की फुहार
रिमझिम -रिमझिम रिमझिम -रिमझिम।
धरती पर छा गई बहार
आओ नाचें छम-छम छम-छम छम-छम।।

Comments

13 responses to “सावन की फुहार”

  1. Shyam Kunvar Bharti

    बहुत सुंदर रचना

    1. धन्यवाद भारतीजी

  2. Satish Pandey

    बहुत खूब

    1. शुक्रिया सतीशजी

    1. धन्यवाद स्वातीजी

  3. ध्वन्यात्मक सूचक शब्दों का सुंदर प्रयोग करके सावन ko Sundar tatha Sariya Banaya Gaya Hai

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