सावन का महीना आया
बादल गरजे डम – डम – डम
बिजली कड़की आसमान में
पानी बरसा छम – छम – छम
मुन्ना की दादी बोली
घर में पानी टपक रहा
मुन्ना के दादा बोले
ये कुदरत का प्यार है
जो हम पर है बरस रहा
पत्नी बोली इतनी बारिश में
दफ्तर क्यों अब जाते हो
चलो यहीं छत के ऊपर
बारिश का लुत्फ उठाते हैं
बच्चे बोले पापा हमें
रेनकोट दिलवा देना
और साथ में पिक्चर के
टिकट भी हैं मंगवा देना
घर के बाहर था पानी भरा
जाता भी अब कहाँ भला
घर में रहकर जी भरकर
रेनी – डे मनाया हमने
इसी तरह परिवार के संग
कुछ समय साथ बिताया हमने
प्रस्तुति – रीता अरोरा
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