सावन स्पेशल

बदरा घिर घिर आयी देखो अम्बर के अंसुअन बरसे है
कोई न जाने पीर ह्रदय की पी के मिलन को हिय तरसे है
यह मधुमास यूँ बीत न जाये नैनों से झरता सावन है
जब से पत्र तुम्हारा आया भीगा भीगा सा तन मन है

Comments

2 responses to “सावन स्पेशल”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

    लिंग पर थोड़ा ध्यान दें

Leave a Reply

New Report

Close