सूनी सूनी रातों में
कभी कोई दस्तक दे जाता है
मेरे दिल के दरवाजे पर…
कभी कोईे चेहरा नहीं दिखता
बस आहट होती है हल्की सी
और कुछ कदमों की आवाज
जो मचा देती है हलचल
मेरे सूने पड़े दिल में
सूनी सूनी रातों में…
सूनी सूनी रातों में
Comments
6 responses to “सूनी सूनी रातों में”
-

nice
-
thanks
-
-
Nice
-
thanks sachin
-
-

वाह
-
मचा देती है हलचल
मेरे सूने पड़े दिल में
सूनी सूनी रातों में…
Waah waah
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.