सूरज की किरण

सूरज की किरणें भी सुबह-सुबह कयामत ढा रही हैं,

पूछ रही हैं, कैसे हैं वो? जिनकी तुम्हें याद आ रही है।

Comments

5 responses to “सूरज की किरण”

  1. बहुत सुंदर पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close