हवा हवा में उड़ नहीं, सोच समझ इंसान,
हवा बिना ये फेफड़े, नहीं करेंगे काम।
नहीं करेंगे काम, जिन्दगी उड़ जायेगी,
बिना सजग रहे सब, धूल में मिल जायेगी।
कहे लेखनी काम कर रही आज एक दवा,
मुँह में मास्क लगा, छान छान कर ले हवा।
सोच समझ इंसान
Comments
2 responses to “सोच समझ इंसान”
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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Great
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