सौंदर्य एक परम अनुभूति है,
हमारे नेत्रों से आत्मसात होकर
अन्तस तक जाता है।
प्राकृतिक सौंदर्य हर मन को भाता है।
काव्यगत सौंदर्य काव्य के गुण-धर्म
से परिचित कराता है।
विचारों का सौंदर्य व्यक्तित्व को
आकर्षक बनाता है।
दैहिक सौंदर्य कामी बनाता है।
परंतु आन्तरिक सौंदर्य जीवन को
बहुमूल्य बनाता है।।
सौन्दर्य एक परम अनुभूति है।।

Comments
8 responses to “सौन्दर्य एक परम अनुभूति है।।”
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अतिसुंदर भाव
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बहुत-बहुत धन्यवाद
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बहुत सुंदर भाव
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर।
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धन्यवाद
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सुंदर तस्वीर खिंचा है आपने।
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धन्यवाद
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