16 Comments

  1. आपकी कविता की ये सुन्दर पंक्तिया
    न थी केवल मस्त,
    ओर न ही थी केवल बहुत खूब।
    कुछ पंक्तियो को पढकर तो ऐसा लगा
    कि क्या ये सच है, या फिर एक सपना
    क्योंकि पड़ते समय सच में,
    मै आपकी कविता की गहराई में गया था डूब।

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