हमसफ़र

किसी का कोई हमसफ़र,
कहीं खो जाए अगर
तो ज़िन्दगी की ख़ुशी के लिए,
उसे ढूंढ़ कर ले आएं घर
गलती किसकी है, किस से हुई,
ये सुलझ ही जाएगा मगर,
खो ना जाए , भीड़ में अपना कोई
वक्त रहते संभल जाएं अगर

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “हमसफ़र”

    1. सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thanks Rishi ji

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