हमारी मौजूदगी में।

झुक कर उठ जाती थी,
उनकी नज़रें,
हमारी मौजूदगी में।
और अब आलम ऐसा है,
कि उनकी नज़र,
अब उठती ही नहीं।

Comments

14 responses to “हमारी मौजूदगी में।”

  1. बहुत ख़ूब

    1. बहुत बहुत आभार

    1. बहुत बहुत आभार सर

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत सुंदर पंक्तियां

  3. Pratima chaudhary

    बहुत बहुत आभार

  4. Deep

    तुम एक नज़र देख लो खुद को मेरी नज़र से

    तुम्हारी नज़रें तलाशेंगी खुद फिर मेरी नज़र को

    1. बहुत आभार 🙏

  5. अत्यंत प्रिय

    1. बहुत बहुत शुक्रिया

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