Mai hu rastrabhasha hindi

मीठी मीठी झंकार सी,
कानों में रस घोलती,
मैं हूं राष्ट्रभाषा हिंदी,

स्वीकार किया
सब ने मुझे,
हू मातृभाषा हिंदी,
फिर भी जताने को
वर्चस्व अपना,क्यों
बोलते हो अंग्रेजी,

वह तो भाषा है विदेशी,
मैं तो हूं तेरी अपनी,
मैंने ही तो दिए हैं
संस्कार तुझे मेरे बच्चों,
फिर क्यों मुझसे ही
मुंह फेरते हो मेरे बच्चो |

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8 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - September 15, 2019, 3:32 pm

    बहुत सुंदर

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 15, 2019, 11:13 pm

    वाह बहुत सुन्दर प्रस्तुति

  3. NIMISHA SINGHAL - September 16, 2019, 1:29 pm

    Waah

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