कवि तो होते है बदनाम
आश्कि की रहो मे भटकते फिरते है|
दोष लगता है उनपर कलम से छेड छाड़ का
वो तो बस अपना हाल -ए -दिल बयां करते है |
हाल- ए -दिल
Comments
11 responses to “हाल- ए -दिल”
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क्या कहना
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Thanx
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Awesome
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Thanks
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Wah
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Thanks
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खूब कहा
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Thanks
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Right
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Thanx
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वाह
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