है यह बदनामी नाम से भी खूब

प्यार लुटाया दिल खोल खूब

तब जा कमाया यह नाम खूब

माना के हुए बदनाम हम खूब

है यह बदनामी नाम से भी खूब

पिघलाया इसने तेरे दिल को खूब

बाँहो में समेटा मुझको तुमने खूब

दिल तेरे पे राज़ कर पाए हम खूब

                            …… यूई

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2 responses to “है यह बदनामी नाम से भी खूब”

  1. Beautiful poetry 

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