हौसला के पंख

घर की चारदीवारी से बाहर कब जाएंगे
कोरोना से हार गयी जिंदगी इसे कब हराएंगे
गति रुक गई है दुनिया की प्रश्न गूंजते
हौसला के पंख फिर से कब आयेंगे

Comments

5 responses to “हौसला के पंख”

  1. Rishi Kumar

    उम्दा👌👌👌

  2. Ekta

    वह दिन भी दूर नहीं
    जब हौसलों के पंख आएंगे
    बहुत खूब

  3. सुंदर पंक्तियां

  4. Amita

    Nice lines

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