“क़दमों के निशान” #2Liner-104 Ankit Bhadouria 10 years ago ღღ__कल भी आये थे “साहब”, घर तक उनके क़दमों के निशान; . वो मुझसे मिलते तो नहीं लेकिन, मिलने आते ज़रूर हैं!!….#अक्स