ღღ__कल भी आये थे “साहब”, घर तक उनके क़दमों के निशान;
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वो मुझसे मिलते तो नहीं लेकिन, मिलने आते ज़रूर हैं!!….#अक्स
“क़दमों के निशान” #2Liner-104
Comments
5 responses to ““क़दमों के निशान” #2Liner-104”
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बढ़िया भाव है भैया
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बहुत-२ शुक्रिया आशुतोष भाई …
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behatreen sir!
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शुक्रिया पन्ना जी 🙂
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Good
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