ज़हर इस तरह घुला जिंदगी में
हर गूंठ में मुहं कढवा होता गया|
बारिशों का तो आना जाना नहीं अरसे से
सूखे से रिश्ता हमारा होता गया||
ज़हर इस तरह घुला जिंदगी में
Comments
3 responses to “ज़हर इस तरह घुला जिंदगी में”
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very good. umda!
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dhanyabaad
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वाह जी वाह
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