ज़िन्दगी एक रेस है जिसमे दौड़ना ही होगा,
वक्त रहते वक्त का मुँह मोड़ना ही होगा,
कालचक्र का काम है चलना, चलेगा दोस्तों,
हमें अपने मन को एक बार फिर टटोलना ही होगा,
ऋतुएँ परिवर्तित हों इससे पहले ही सुन लो,
हवाओं के रुख से तुम्हें फिर बोलना ही होगा।।
राही (अंजाना)

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