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  1. दर्द होता है जब सहारा बेसहारा कर चला जाता है,
    आजकल फरेब की दुनिया में कौन “दोस्ती” का रिश्ता भी दिल से निभाता है।।

    1. माना मतलब की ह दुनिया ,यहाँ कोई किसी का यार नहीं
      इंसान तो छोड़ो ,साया भी अपने साथ नहीं,
      तुम्हारे अल्फ़ाज़ दर्द की दुहाई देते ह,
      तुम्हारे लबों के आंसू , किसी की फरियाद करते है
      पर तू गुजरी हुई ज़िन्दगी को याद ना कर
      कल की फ़िक्र में अपना आज बर्बाद ना कर
      दोस्ती रौशनी ह तो अँधेरा भी है
      ख्वाहिशो से भरा जजीरा भी है
      अगर दोस्ती में दर्द भी मिले तो क्या घबराना ,
      सुना है दर्द से दोस्ती और भी जवान होती है ।।

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