2020

चला ही जाएगा अब 2020,
दिए बहुत ही जिसने टीस
कई अपने बिछड़ गए
किसी के सपने बिखर गए
कोरोना का रोना ही रहा,
किस-किस ने क्या-क्या न सहा
किसी ने अपना जीवन खोया,
कोई जीवन-साथी से बिछड़ कर रोया
किसी का टूटा व्यापार,
किसी का छूटा घर बार
हे प्रभु, अब कभी ना ऐसे दिन लाना
मुश्किल में पड़ गया सारा ज़माना
_____✍️गीता

Comments

6 responses to “2020”

  1. सही कहा…
    यह साल कोरोना, धरना प्रदर्शन का ही रहा
    जो काफी पीड़ादायक था हम सबके लिए

    1. बिल्कुल सही कहा आपने प्रज्ञा जी
      समीक्षा के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

  2. वास्तव में 2020 जिन्दगी भर याद रहेगा, आपने बहुत ही अच्छा लिखा है

    1. समीक्षा के लिए धन्यवाद संदीप जी

    1. Geeta kumari

      सराहना हेतु धन्यवाद भाई जी🙏

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