यह कौन-सी शाम है,
यह कौन-सी रात है।
जो न ढलती है,
जो न कटती है।
बिन तेरे यह जिंदगी हर-पल,
सिमटती है….
#2linershayari कौन सी शाम
Comments
11 responses to “#2linershayari कौन सी शाम”
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वाह वाह!!👏
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धन्यवाद प्रियंका
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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सुंदर पंक्तियां
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बहुत-बहुत आभार
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सुंदर
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हार्दिक धन्यवाद
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी
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Very nice
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