नत मस्तक
शीश झुकाए
कतारबद्ध खडा हूं मैं
लिए लघु हृदय
वीरों संग
दौड चला
घावो की परवाह
किए बिना
तत्पर हूं
कुछ करने को
इस देश के लिए
मरने को
बना लिया है
लक्ष्य अब
विजय पताका
लहराना बस
शीर्ष कारज
रहेगा अब
“आखिरी जंग”
15 अगस्त पर देशभक्ति कविता 26 जनवरी पर कविता आजादी पर हिंदी कविता गणतंत्र दिवस पर कवितायें गणतंत्र दिवस पर भाषण गणतंत्र दिवस पर शायरी गणतंत्र दिवस पर शेर गणतंत्र दिवस पर स्लोगन गणतंत्र दिवस पर हास्य कविता छोटे बच्चों के लिए देशभक्ति कविता देश प्रेम पर छोटी कविता देश भक्ति कविता डाउनलोड देशभक्ति कविता 2019 देशभक्ति कविता मराठी देशभक्ति की कविता सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता स्वतंत्र दिवस पर कवितायें स्वतंत्रता दिवस पर कविता स्वतंत्रता दिवस पर नारे स्वतंत्रता दिवस पर निबंध स्वतंत्रता दिवस पर भाषण स्वतंत्रता दिवस शायरी स्वतंत्रता पर बाल कविता स्वतंत्रता सेनानियों पर कविता
Comments
3 responses to ““आखिरी जंग””
-
Nice poem
-

nice one
-
जय हिंद
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.