चले आओ

मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ
के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ

कुछ तो मेरे दिल मैं भी अरमान होंगे तुम जानते हो
क्या है मेरी आखरी खुवाईश मुझसे पूछने चले आओ

मोहोब्बत के खातिर न सही, एक इंसा की हैसियत से
एक आखरी बार मुझ से मिलने चले आओ

कब्र मैं जा कर भी मुझे चैन नहीं मिलेगा
सब लोगो के साथ मेरी कब्र पैर माटी गेरने चले आओ

एक आखरी अरमान-ऐ-दिल बचा है ज़िन्दगी का मेरे
मेरी इन आँखों की प्यास बुझाने चले आओ

छोड़ दिया है मैंने अपना वो पुराना घर
मेरे नए घर मैं हाथ बटाने को चले आओ

आखरी वक़्त है मेरा आखरी मेरी खुवाईश है
मेरे कब्र पैर दो आंसू बहाने चले आओ

मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ
के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ……………………!!

Comments

5 responses to “चले आओ”

  1. Panna Avatar

    शानदार सर!

  2. D K Avatar
    D K

    Thanku so so much sir

  3. Abhishek kumar

    🙏🙏

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