आग की तरह

तुम मुझे अपनी वाणी से हताहत कर सकते हो
अपनी गंदी नजरों से मुझे काट सकते हो
अपनी नफ़रत से मुझे मार सकते हो
लेकिन मैं हर बार ऊठूंगी
आग की तरह

Comments

10 responses to “आग की तरह”

    1. Priya Gupta Avatar

      Thanks….u left ur name blank..why?

  1. DV Avatar

    ज़िंदगी में कभी हार ना मानना ही जीने की कला है… nicely penned..

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Abhishek kumar

    Gr8

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