जम जाते है क्यों रिश्ते बर्फ़ की तरह
सोचता हूं कभी कभी
लेकिन तभी लुड़क पडते है
Comments
5 responses to “जम जाते है क्यों रिश्ते बर्फ़ की तरह”
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bht khubsurat ehsaas……..waah!!
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nice one priya!
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nice one priya 🙂
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वाह
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सोचता हूं कभी कभी
क्यों हो जाते है शुष्क
जम जाते है क्यों रिश्ते
बर्फ़ की तरह
वाह वाह
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