प्रेयसी — तुम्हे मै प्यार करू या ना करू,
ये है मेरी मर्ज़ी |
तुम्हे मुझसे प्यार है तो,
सिर्फ लगा सकते हो अर्जी |
प्रेमी — सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे,
नहीं आशिक हूँ मै फ़र्जी |
अब मिलने तुमसे तब ही आऊंगा,
जब हो तुम्हारी मर्ज़ी |
मर्ज़ी
Comments
11 responses to “मर्ज़ी”
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वाह बहुत सुंदर
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Thanks
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Nice
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Thanks
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Nice
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Nice
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Bahut khub👌
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धन्यवाद आपका
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Nice
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Nice
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Good
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